आध्यात्मिक गुरुजन

बौद्ध शिक्षाओं को तभी प्रामाणिक माना जाता है जब उन्हें सिद्ध आचार्यों की अनवरत श्रृंखला के माध्यम से बुद्ध की शिक्षाओं के रूप में प्रमाणित किया जा सके। जब हम उनकी प्रामाणिकता को लेकर आश्वस्त होंगे तो फिर हम यह जानते हुए कि इन शिक्षाओं को सही ढंग से समझ कर सही प्रयोग करते हुए वांछित लाभकारी परिणाम हासिल कर सकेंगे, उन शिक्षाओं का अनुशीलन करने के लिए प्रयत्न करेंगेबौद्ध शिक्षाओं को तभी प्रामाणिक माना जाता है जब उन्हें सिद्ध आचार्यों की अनवरत श्रृंखला के माध्यम से बुद्ध की शिक्षाओं के रूप में प्रमाणित किया जा सके। जब हम उनकी प्रामाणिकता को लेकर आश्वस्त होंगे तो फिर हम यह जानते हुए कि इन शिक्षाओं को सही ढंग से समझ कर सही प्रयोग करते हुए वांछित लाभकारी परिणाम हासिल कर सकेंगे, उन शिक्षाओं का अनुशीलन करने के लिए प्रयत्न करेंगे।
Buddha 410

शाक्यमुनि बुद्ध

शाक्यमुनि बुद्ध एक महान गुरु हुए जिनका जन्म भारत में 2500 वर्ष पहले हुआ था, और ज्ञानोदय प्राप्ति के बाद दूसरों को भी ज्ञानोदय प्राप्ति का मार्ग दिखाने का कार्य किया। पढ़ें
Nagarjuna 400

नागार्जुन

नागार्जुन एक पथप्रणेता भारतीय आचार्य थे जिन्होंने शून्यवाद के विषय पर बुद्ध की शिक्षाओं की व्याख्या की। पढ़ें
Aryadeva 400

आर्यदेव

आर्यदेव नागार्जुन के प्रमुख शिष्य थे। उन्होंने नागार्जुन की शून्यता की शिक्षा की विस्तार से व्याख्या की। पढ़ें
Study buddhism shantideva

शांतिदेव

शांतिदेव (8वीं शताब्दी) तिब्बत की सभी परम्पराओं में पाई जाने वाली बोधिसत्व की शिक्षाओं, विशेषतः छह पारमिताओं की साधना की शिक्षाओं का भारतीय स्रोत थे। पढ़ें
Atisha 400

अतिशा

अतिशा ने तिब्बत में बौद्ध धर्म के अस्थायी ह्रास के बाद भारत से तिब्बत में एक बार पुनः बौद्ध धर्म का प्रसार किया। पढ़ें
Gampopa 400

गम्पोपा

गम्पोपा काग्यू आचार्य मिलारेपा के प्रमुख शिष्य थे। पढ़ें
Tsongkhapa 400

चोंखापा

चोंखापा तिब्बती बौद्ध धर्म की गेलुग्पा परम्परा के संस्थापक थे। पढ़ें
Dalai lama web

चौदहवें दलाई लामा

वर्ष 1989 के नोबल शांति पुरस्कार विजेता तथा विश्व में अहिंसा और करुणा के प्रतीक चौदहवें दलाई लामा तिब्बती बौद्ध धर्म के आध्यात्मिक प्रमुख हैं। पढ़ें
Ling rinpoche 400

योंगज़िन लिंग रिंपोछे

योंगज़िन लिंग रिंपोछे चौदहवें दलाई लामा और गेलुग्पा परम्परा के आध्यात्मिक प्रमुख 97वें गान्देन त्रिपा के वरिष्ठ निजी शिक्षक थे। पढ़ें
Tsenzhab 500

त्सेनशाब सेरकोँग रिंपोछे

त्सेनशाब सेरकोँग रिंपोछे चौदहवें दलाई लामा के प्रधान वाद-विवाद सहयोगी और तिब्बती बौद्ध धर्म के सम्पूर्ण विषय-क्षेत्र के आचार्य थे। पढ़ें
Tsenzhab serkong tulku 400

त्सेनशाब सेरकोँग रिंपोछे द्वितीय

त्सेनशाब सेरकोँग रिंपोछे द्वितीय त्सेनशाब सेरकोँग रिंपोछे के "टुल्कु" अवतार हैं। पढ़ें
Geshe ngawang dhargyey

गेशे ङावंग धारग्ये

गेशे ङावंग धारग्ये लाइब्रेरी ऑफ तिब्बतन वर्क्स एंड आर्काइव्स, धर्मशाला, भारत में पाश्चात्य जन के लिए बौद्ध मत के पथप्रदर्शक शिक्षक थे। पढ़ें
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