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अशांतकारी मनोभाव
तंत्र में लाम-रिम के मध्यम एवं उन्नत विषय-विस्तार की आवश्यकता
भूमिका इस श्रृंखला के पहले भाग में प्रेरणा के आरम्भिक स्तर पर विचार किया गया जिसमें हमारा लक्ष्य होता है निम्न पुनर्जन्म से बचकर उच्च पुनर्जन्म प्राप्त करना। विशेषतया हम चाहते हैं कि एक बहुमूल्य मानव पुनर्जन्म हो ताकि हम अपनी साधना में सुधार कर सकें। मध्यवर्ती स्तर वह होता है...
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तंत्र साधना के प्रभावी अभ्यास के लिए लाम-रिम की आवश्यकता
क्रोध अथवा अहंकार द्वारा हमारी साधना आहत होने का संकट
हमारे प्रति नकारात्मकता रखने वालों के प्रति क्रोधित न होना जब लोग लम्बे समय तक मेरे प्रति नकारात्मकता दिखाते हैं तो ऐसे व्यक्ति के प्रति मुझे दया और प्रेमभाव बनाए रखने में समस्या होती है | कभी-कभी मुझे ऐसे व्यक्ति के प्रति कठोरता दिखाने की आवश्यकता महसूस होती है; ऐसा करते रहना...
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बोधिचित्त के विकास के लिए निर्देश तथा परामर्श
सम्बंधों में ईर्ष्या से कैसे निपटें
प्रेम के सम्बंधों में ईर्ष्या के होने का मतलब होता है कि हमें अपने साथी के प्रेम पर भरोसा नहीं है। हम इस भावना पर इस बोध को विकसित करके नियंत्रण प्राप्त करते हैं कि प्रेम का दायरा सीमित नहीं होता है।
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कैसे करें
दृढ़प्रतिज्ञता की पारमिता: वीर्यपारमिता
विवरण: व्यापक वीर्यपारमिता से युक्त होकर, हम दूसरों की सहायता करने तथा ज्ञानोदय प्राप्त करने से कभी विरत नहीं होंगे।
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प्रेम और करुणा
तनाव से मुक्ति दिलाने में सहायक बौद्ध विश्लेषण
जो अभ्यासगत नित्यचर्या हमारे मानसिक तनाव का कारण बनती है उससे मुक्त होने का दृढ़ संकल्प विकसित करने, तथा आत्मानुशासन, एकाग्रता, और सविवेकी सचेतनता में स्वयं को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है।
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भावात्मक आरोग्यशास्त्र
भय के दानव को पोषित करना और उसे वश में करना
त्सुल्ट्रिम ऐलियन की कृति से प्रेरित यह विधि भय एवं व्यग्रता को दूर करने के धर्मपाल के "परिपूर्ण करना और स्वस्थ करना" अनुष्ठान के ढाँचे में ठीक बैठती है।
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भावात्मक आरोग्यशास्त्र
प्राचीन भारतीय मूल्यों का पुनरुत्थान
चित्त, मनोभाव, संज्ञान, तथा तर्कशास्त्र सम्बन्धी प्राचीन भारतीय शिक्षाएँ आधुनिक संसार के लिए अत्यधिक हितकर सिद्ध हो सकती हैं |
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सार्वभौमिक मूल्य
दूसरों को क्षमा-दान देना
दूसरों के कुकृत्यों को अनदेखा किए बिना, उन्हें क्षमा करने के लिए, व्यक्ति को उसके व्यवहार से पृथक करके देखें |
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ध्यान-साधना
नकारात्मक मनोभावों को नियंत्रित कैसे करें
अपनी नकारात्मक भावनाओं का विश्लेषण करना उनपर नियंत्रण की कुंजी है।
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भावात्मक आरोग्यशास्त्र
SEE शिक्षण-पद्धति: हमारे मनोभावों को समझना
अपने चित्त, मनोभावों, एवं भावनाओं के सम्यक बोध को किस प्रकार विकसित करें।
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सार्वभौमिक मूल्य
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