पुण्य भूमि, सप्तांग प्रार्थना, मंडल एवं अनुनय
चौथा अभ्यास: आध्यात्मिक उन्नति हेतु विपुल क्षेत्र का मानस दर्शन छः प्रारंभिक अभ्यासों में से चौथा है आध्यात्मिक विकास के लिए एक पुण्यक्षेत्र का मानस दर्शन करना। इसे प्रायः योग्यता क्षेत्र कहा जाता है, परन्तु इसके लक्ष्यार्थ की एक अर्थध्वनि है: यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें...