नकारात्मक प्रभावों सम्बन्धी अभ्यास और उनके आगामी बिन्दु
पुनरावलोकन अपने सम्पूर्ण जीवन में हम अपने विषय में, “मैं” और “मेरा जीवन” के सन्दर्भ में ही सोचते रहते हैं। अपने सम्पूर्ण जीवनकाल में यही सोचते आते हैं केवल एक वर्ष की अवधि में ही नहीं क्योंकि हम कोई कठोर, ठोस बिंदु नहीं हैं, जिसपर किसी चीज़ का प्रभाव ही न हो, अत: हम बराबर...